भूमि सुधार विभाग की बड़ी अपडेट | अब आपकी जमीन की भी होगी यूनिक आइडी | Land unique Id

Name of service:- भूमि सुधार विभाग की बड़ी अपडेट | अब आपकी जमीन की भी होगी यूनिक आइडी | Land unique Id
Post Date:-19/03/2021
Post Update Date:-
Short Information:-नमस्कार दोस्तों आज हम बिहार भूमि सुधार विभाग की बड़ी अपडेट | अब आपकी जमीन की भी होगी यूनिक आइडी  से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी बतायेंगे |राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने अब जमीन के लिए यूनिक लैंड पार्सल आइडेंटीफिकेशन नंबर (अलपीन) लागु कर दिया है | इससे जुडी सारी जानकारी आपको इस पोस्ट में प्राप्त होगी इसलिए इस पोस्ट पर अंत तक जुड़े रहे |

भूमि सुधार विभाग की बड़ी अपडेट | अब आपकी जमीन की भी होगी यूनिक आइडी | Land unique Id

आपको बता दे की यूनिक लैंड पार्सल आइडेंटिफिकेशन नंबर लागू करने वाला बिहार सातवां राज्य बन गया है | इस नये अपडेट या योजना के तहत अब आपके हर प्लॉट (खेसरा) को 14 डिजिट का एक यूनिक नंबर दिया जायेगा | इस यूनिक आई डी में अंक और अक्षर भी सम्मिलित रहेंगे | यह पूरे राज्य के सभी खेसरों को दिया जायेगा , इस प्रकार हर खेसरा की पहचान दो तरह के नंबर से होगी. एक जो भूमि सर्वेक्षण के बाद हर मौजा के हर खेसरा को मैनुअली सर्वेक्षण अमीन द्वारा दिया जायेगा |जिससे की राज्य में कहीं भी भूमि संबंधी जानकारी हासिल करने के लिए अब लोगों को विभाग का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा |

सीधी भाषा में समझे तो बिहार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने जैसे गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन नंबर होता है, वैसे ही जमीन के लिए यूनिक लैंड पार्सल आइडेंटिफिकेशन नंबर (अलपिन) लागू कर दिया है |

यूनिक लैंड पार्सल आइडेंटिफिकेशन कोई प्लॉट बिकता है तो उसके सभी नंबर (अलपिन) 14 डिजिट का यह टुकड़ों को नयी चौहद्दी के साथ यह सिर्फ नंबर नहीं है | यह जमीन के अलपिन नंबर अपने आप प्राप्त हो दाखिल-खारिज में काफी उपयोगी रहेगा और यह भी प्लॉट के अलपिन नंबर से होगा | भू-नक्शा सॉफ्टवेयर में जाकर साथ उसके स्वामित्व यानी मालिक
अलपिन नंबर टाइप करने पर उस की पूरी जानकारी इस सॉफ्टवेयर में उपलब्ध रहेगी |इसीलिए हम आपको बता रहे है की यह भूमि सुधार विभाग की बड़ी अपडेट | अब आपकी जमीन की भी होगी यूनिक आइडी |

दाखिल-ख़ारिज करने में यूनिक लैंड पार्सल आइडेंटिफिकेशन नंबर (अलपिन)

Unique Land Parcel Identification Number (Alpine) 14 डिजिट का यह सिर्फ नंबर नहीं है बल्कि यह जमीन के दाखिल- खारिज में काफी उपयोगी होगा, भू-नक्शा सॉफ्टवेयर में जाकर यूनिक नंबर (अलपिन नंबर ) टाइप करने पर उस प्लॉट की चौहद्दी, रकवा, स्वामित्व, इतिहास (जमीन का सारा इतिहास जिससे पता चल जाये की कोई विवाद तो नही है ) आदि की जानकारी प्राप्त की जा सकती है |

Unique Land Parcel Identification Number (Ulpine) के लाभ

  • सबसे बड़ा लाभ तो यह होगा की आपको जमीन से जुडी सारी और सही जानकारी केवल एक Unique Land Parcel Identification Number (Alpine) से प्राप्त हो जाएगी |
  • बिहार राजस्व विभाग की वेबसाइट पर यूनिक नंबर (अलपिन) डालते ही जमीन से संबंधित सभी जानकारी कंप्यूटर पर ही मिल जायेगी , इससे जमीन की खरीद-फरोख्त आसान हो जाएगी |
  • जमीन के लेन-देन में पारदर्शिता आएगी ,भूमि खरीद-फरोख्त को लेकर आये दिन होने वाली धोखेबाजी पर भी अंकुश लगेगा|

यूनिक लैंड पार्सल आइडेंटिफिकेशन नंबर (अलपिन) काम कैसे करता है

हर एक प्लॉट खेसरा को एक यूनिट नंबर मिलेगा जो कि 14 डिजिट का होगा जो राज्य के सभी खेसरो के अलग-अलग नंबर होगा अरे खेसरा के पहचान दो तरह के नंबर से होगी एक भूमि के सर्वेक्षण के बाद मौजा के संरक्षण अमीन देंगे दूसरा सॉफ्टवेयर के जरिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा दिया जाएगा यह जमीन के लिए आधार कार्ड की तरह होगा भूमि सर्वेक्षण में जमीन का किश्तवार (गांव का नक्शा एवं उसके अंदर का आकार) होते ही नक्शा सॉफ्टवेयर पर अपलोड किया जाएगा अपलोड करते ही गांव के सभी खेलो भूमि सर्वे नंबर के अलावा एक और यूनिक नंबर भी मिल जायेगा |

Important DatesDocuments Required
Service Begin :- 17/03/2020

Last Date for Apply Online :- Unlimited
1.जमीन के दस्तावेज
2.आधार कार्ड

Interested Candidates Can Read the Full Notification Before Apply Online

Importent Link

बिहार राजस्व एवं भूमि सुधार विभागClick Here
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बिहार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के उद्देश्य
  • राज्य के नागरिकों को पारदर्शी, संवेदनशील, समावेशी एवं अग्र-सक्रिय (Pro Active) राजस्व प्रशासन उपलब्ध कराना।
  • भूमिहीन, गृहविहीन परिवारों को आवासन हेतु वासभूमि उपलब्ध कराना।
  • आमलोगों को ऑनलाईन दाखिल-खारिज, ऑनलाईन लगानरसीद, ऑनलाईन LPC की सुविधा उपलब्ध कराना।
  • भू-चकबंदी के माध्यम से भूमि के विखंडण को रोकना तथा छोटे जोतो का समेकन।
  • भू-सर्वेक्षण के माध्यम से अधिकार अभिलेख को अद्यतन करना।
  • भू-हदबंदी अधिनियम एवं भूदान से प्राप्त भूमि का भूमिहीनों के बीच वितरण सुनिश्चित करना।
  • बेदखल आवंटित पर्चाधारियों को दखल दिलाना।
  • परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए रैयती भूमि का अर्जन एवं सरकारी भूमि का हस्तान्तरण सुनिश्चित कराना।
Note:-
(i) इस पोस्ट में आपको सारी जानकारी दी गई है और अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर विजित करे |

FAQ

Updated: August 1, 2021 — 6:29 pm

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